(N/A)
(a) $KI_3$: $I$ की औसत ऑक्सीकरण संख्या $-1/3$ है। चूंकि $O.N.$ भिन्नात्मक नहीं हो सकता, हम संरचना पर विचार करते हैं:
$K^+ [I-I \leftarrow I]^-$.
दो अंतिम $I$ परमाणुओं का $O.N.$ $0$ है और केंद्रीय $I$ परमाणु का $O.N.$ $-1$ है।
(b) $H_2S_4O_6$: $S$ की औसत $O.N.$ $+2.5$ है। $HO_3S-S-S-SO_3H$ संरचना में, दो अंतिम $S$ परमाणुओं का $O.N.$ $+5$ है और दो केंद्रीय $S$ परमाणुओं का $O.N.$ $0$ है।
(c) $Fe_3O_4$: $Fe$ की औसत $O.N.$ $+8/3$ है। $Fe_3O_4$ एक मिश्रित ऑक्साइड $FeO \cdot Fe_2O_3$ है, जिसमें एक $Fe$ $+2$ और दो $Fe$ परमाणु $+3$ हैं।
(d) $CH_3CH_2OH$: $C$ की औसत $O.N.$ $-2$ है। विशेष रूप से, $CH_3$ कार्बन $-3$ है और $CH_2OH$ कार्बन $-1$ है।
(e) $CH_3COOH$: $C$ की औसत $O.N.$ $0$ है। विशेष रूप से, $CH_3$ कार्बन $-3$ है और $COOH$ कार्बन $+3$ है।